Bhagwanam News : जबलपुर से गोरखपुर की लगभग 600 कि.मी है 12 -15 घंटे का रास्ता तय कर युवक वह पहुचता है शादी रचाने लेकिन वह जाकर उसको पता चलता है की लड़की का असली नाम ख़ुशी नहीं बल्कि साहिबा बानो है यह सुनकर इंद्रा तिवारी नाम के व्यक्ति की ख़ुशी चूर चूर हो जाती है आगे फिर जो हुआ वो बहुत चौकाने वाला था
मध्य प्रदेश के जबलपुर में रहने वाले इंद्र कुमार तिवारी की शादी नहीं हो रही थी जबकि वो घर परिवार के काफी संपन्न थे बताया जाता है उनके पास 18 बीघा जमीन है जिससे वो एक अच्छा जीवन जी रहे है। मगर शादी नहीं होना उनके परिवार को आगे बढ़ने में रुकावट था इस बात से चिंतित हो वे एक बार कथावाचक अन्निरुद्धाचार्य जी से कथा में चर्चा करने गए थे और उनके वार्ता 18 बीघा जमीन होने की बात उन्होंने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य से भी कहीं जो की सोशल मिडिया में बहुत वायरल हो गयी और यही वार्ता इंद्र कुमार तिवारी की हत्या का कारण बन गयी।
दरअसल इसके बाद उनकी जिंदगी में अचानक खुशी तिवारी नाम की युवती आती है। खुशी और इंद्र तिवारी के बीच बातचीत बढती है और दोनों करीब आ जाते है मगर जिसे वह खुशी तिवारी समझ रहे थे, दरअसल वह ख़ुशी नहीं गोरखपुर की साहिबा बानो रही इसके बाद इंद्र तिवारी के साथ जो हुआ, उसे जान आप भी हिल जाएंगे।
साहिबा बानो बन गई खुशी तिवारी
कुछ समय बाद कुशीनगर थाना सीमा अंतर्गत में पुलिस को एक लावारिश शव मिला जिसकी शव की पहचान नहीं हो पाई। पुलिस परेशान थी कि आखिर शव है किसका? तभी सामने आया कि में मिली हुई लाश जबलपुर के रहने वाले इंद्र कुमार तिवारी की हो सकती है।
जैसा की आजकल शॉर्ट्स और रील का ट्रेंड चल रहा है जो कुछ भी नहीं छुपता है साहिबा बानो ने अनिरुधाचार्य और इंद्रा तिवारी की जैसे ही इंद्र ने बताया कि उसके पास 18 बीघा जमीन है रील देखि और इंद्रा तिवारी उनकी नज़र में चढ़ गाया उसके बाद इस साहिबा बानो ने जो फ़िल्मी किरदार बन साजिश राची है यह देखकर तो पुलिस भी हैरान है की ऐसा कोई असलियत में भी कर सकता है।
बनाया फर्जी आधार कार्ड और इंद्र को फंसा लिया
साहिबा बानो ने सबसे पहले अपना नाम बदलकर ख़ुशी तिवारी रखा और फर्जी दस्तावेश जैसे आधार कार्ड तक बनवा लिया फिर उसने इंद्र तिवारी से संपर्क साधना शुरू किया, साहिबा बानो खुशी तिवारी बनकर इंद्र तिवारी की जिंदगी में आ गई और इंद्र भी युवती को अपनी जिंदगी में पाकर काफी खुश रहा। दोनों में बात शादी तक पहुंच गई और खुशी ने इंद्र को जबलपुर से 600 किलोमीटर दूर गोरखपुर तक बुला लिया।
मंदिर में जाकर शादी की
इंद्र कुमार तिवारी खुशी तिवारी से शादी करने गोरखपुर आ गए। यहां खुशी ने मंदिर में जाकर इंद्र से शादी भी की। मीडिया रिपोर्टस की माने तो युवती ने अपने प्रेमी को पहले से ही पूरी योजना की जानकारी दे रखी थी। शादी के बाद इंद्र और खुशी सुहागरात मनाने के लिए होटल गए। यहां वह किसी तरह से इंद्र को बहलाकर अपने गांव ले आई और वहां अपने प्रेमी संग मिलकर इंद्र की हत्या कर दी और उसके शव को कुशीनगर के हाटा थाने में स्थित नाले में फेंक दिया।
साहिबा ने कुशल से कर रखी थी शादी
पुलिस ने मृतक के कॉल रिकॉर्ड और जांच शुरू की जिसके बाद खुशी तिवारी उर्फ साहिबा बानो का पता चला और उसको अरेस्ट कर लिया। जांच में सामने आया है कि साहिबा ने पहले से ही कुशल नाम के युवक के साथ शादी कर रखी है। बताया जा रहा है कि 18 बीघा जमीन के लालच में साहिबा ने कुशल को भी इस हत्याकांड में शामिल कर लिया। साहिबा की योजना इंद्र की विधवा बनकर सारी संपत्ति की मालकिन बनना था।
बता दें कि कुशीनगर पुलिस ने साहिबा बानो उर्फ खुशी तिवारी समेत मामले में शामिल उसके प्रेमी और एक अन्य को अरेस्ट कर लिया है।
